Gurugram के Shree Ram School को बम से उड़ाने की धमकी, 2000 छात्र सुरक्षित निकाले गए
पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार ने पुष्टि करते हुए कहा प्रारंभिक जांच में यह एक हॉक्स मेल सिद्ध हुआ है। हमने एहतियातन पूरी बिल्डिंग को खाली कराकर जांच पूरी की है।

Shree Ram School : गुरुग्राम के डीएलएफ फेज-3 स्थित प्रतिष्ठित श्रीराम स्कूल में बुधवार दोपहर उस समय हड़कंप मच गया जब स्कूल प्रशासन को एक गंभीर धमकी भरा ईमेल प्राप्त हुआ। ईमेल में साफ तौर पर कहा गया था कि स्कूल परिसर में बम रखा हुआ है और निर्धारित समय पर धमाका होगा। सुरक्षा एजेंसियों ने इस धमकी को गंभीरता से लेते हुए तुरंत एक्शन लिया, जिससे एक बड़ा संकट टल गया।
ईमेल प्राप्त: बुधवार दोपहर स्कूल प्रशासन को धमकी भरा ई-मेल मिला।
तत्काल कार्रवाई: प्रशासन ने तुरंत पुलिस और आपातकालीन टीमों को सूचित किया।
सुरक्षित निकासी: कुछ ही मिनटों में 2000 से अधिक बच्चों, शिक्षकों और स्टाफ को सुरक्षित बाहर निकालकर घर भेज दिया गया।
टीमों की तैनाती: बम डिस्पोजल टीम (BDT), डॉग स्क्वॉड, फायर ब्रिगेड की गाड़ियाँ और भारी पुलिस बल मौके पर पहुँचा।
तलाशी अभियान: पुलिस ने स्कूल की पूरी बिल्डिंग की सघन जांच शुरू की।
निष्कर्ष: तलाशी अभियान में कोई भी संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री बरामद नहीं हुई।
पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार ने पुष्टि करते हुए कहा प्रारंभिक जांच में यह एक हॉक्स मेल सिद्ध हुआ है। हमने एहतियातन पूरी बिल्डिंग को खाली कराकर जांच पूरी की है।
पुलिस की शुरुआती तकनीकी जांच में इस ई-मेल के संबंध में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं:
विदेशी सर्वर: ईमेल किसी विदेशी सर्वर से भेजा गया है, जो भेजने वाले की पहचान छिपाने का प्रयास दर्शाता है।
धमकी का समय: मेल में स्पष्ट लिखा था कि बुधवार, 10 दिसंबर 2025 को ठीक 12:05 बजे स्कूल में बम धमाका होगा।
राजनीतिक एंगल: ई-मेल की सामग्री में पंजाब और खालिस्तान आंदोलन से जुड़ी बातें और उसकी गतिविधियों का भी उल्लेख किया गया था, जिससे सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है।
धमकी की खबर से पेरेंट्स में कुछ देर के लिए घबराहट फैल गई थी, लेकिन स्कूल के समय पर सूचना देने और पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने स्थिति को नियंत्रण में रखा।
गुरुग्राम पुलिस की साइबर सेल की टीम तकनीकी जांच के जरिए ईमेल भेजने वाले का आईपी एड्रेस और उसकी पहचान पता लगाने की कोशिश कर रही है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि यह किसी शरारती तत्व या अतिवादी समूह की ओर से दहशत फैलाने का प्रयास हो सकता है। आरोपी को जल्द ही पकड़ने का दावा किया गया है।









